गोटेगाँव से भोपाल, ट्रेन से
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026
एक और आरामदेह दिन के बाद, लगभग 17:55 बजे गोटेगाँव से भोपाल के लिए ट्रेन पकड़ने का समय हो गया। प्लेटफ़ॉर्म पर एक बार फिर एक गाय बड़े मज़े से हमारे साथ आराम फ़रमा रही थी। ये जानवर कारों, स्कूटरों और ट्रेनों के इतने आदी हैं कि इन्हें कोई फ़र्क़ ही नहीं पड़ता।
बाक़ी ट्रेन का सफ़र ठीक रहा और लगभग पाँच घंटे चला। अफ़सोस, Yasha की तबीयत लगातार बिगड़ती गई, इसलिए उसके लिए यह सफ़र काफ़ी कम आरामदेह रहा। शुक्र है कि पहुँचते ही हमें जल्दी टैक्सी मिल गई, और होटल पास ही था। अब तक का सबसे अच्छा या सबसे साफ़-सुथरा होटल तो नहीं था, लेकिन हम इतने थके हुए थे कि उस वक़्त हमें कोई परवाह नहीं थी। रिसेप्शन पर शिकायत कल कर लेंगे।
ख़ैर, कुछ हफ़्तों में हम आश्रमों और गाँवों में सो रहे होंगे। इसे बस ट्रेनिंग समझिए।