रास्ते की चिट्ठियाँ

ब्लॉग

नर्मदा परिक्रमा की तैयारी और यात्रा के दौरान लिखी छोटी-छोटी चिट्ठियाँ, हमारे अपने शब्दों में।

सूर्यास्त के समय नर्मदा किनारे Yasha और Diederik, पीछे पानी में खड़ा एक छोटा मंदिर

Diederik30 सितंबर 2026

जबलपुर में स्कूटर, गोटेगाँव और नर्मदा में पहली डुबकी

जबलपुर के ट्रैफ़िक में स्लीपिंग मैट की तलाश, गोटेगाँव में Yasha की माँ का जन्मस्थान, नर्मदा से पहली मुलाक़ात और नदी में एक डुबकी।

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चट्टानी घाटी से गरजती हुई, मानसून में उफनती नदी

Diederik27 सितंबर 2026

दिल्ली में साइकिल, गणेश को विदाई और जबलपुर की रात वाली ट्रेन

दिल्ली की गाड़ियों के बीच साइकिल, हिंदी के पहले अक्षर, गणेश विसर्जन पर गणेश को विदाई, और जबलपुर में परिवार तक रात वाली ट्रेन।

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नए सफ़ेद कुर्ते और मेल खाते गमछे में Diederik

Diederik23 सितंबर 2026

भारत में डेढ़ महीने बाद पहला ब्लॉग

3 या 4 अक्टूबर को हम नर्मदा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं, और सच कहें तो तैयारी अभी अधूरी है। हिंदी में मिले मार्ग-विवरण, सफ़ेद कुर्ते, और सब कुछ आख़िरी वक़्त पर निपटाने की कहानी।

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